श्रीमती पद्मा शुक्ला: व्यक्तिगत सफर, पारिवारिक विरासत और मूल्य

जन्म 2 फरवरी 1930 को लखनऊ में राज्य स्तरीय शिक्षण प्रशिक्षण प्रवेश परीक्षा मे द्वितीय स्थान राजकीय छात्रवृत्ति प्राप्त पिता श्री राम दत्त अवस्थी राजकीय जुबली कॉलेज, लखनऊ के प्रधानाचार्य …

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श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 9: अम्मा जी श्रीमती पद्मा शुक्ला का पुनर्विलोकन

भक्तियोग की महिमा और परमात्मा के साथ जीव के संबंध को सरल और गहन रूप मेंराजविद्या और राजगुह्य भक्ति का महत्व सर्वव्यापकता साधारण और असाधारण भक्त समर्पण का फल: “पत्रं पुष्पं फलं तोयं” समान दृ…

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श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 18: अम्मा जी श्रीमती पद्मा शुक्ला का पुनर्विलोकन

"मोक्ष संन्यास योग" श्रीमद्भगवद्गीता का अंतिम और सबसे व्यापक अध्याय कर्म करो, पर फल की आसक्ति छोड़ दो। स्वधर्म पालन ही श्रेष्ठ है। भक्ति ही मोक्ष का अंतिम मार्ग है। भगवान की शरण म…

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श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 17: अम्मा जी श्रीमती पद्मा शुक्ला का पुनर्विलोकन

मनुष्य की श्रद्धा उसके स्वभाव और गुणों के अनुसार वही उसके जीवन की दिशा तय करती है राजसिक बंधन की ओर और तामसिक पतन की ओर। भोजन, यज्ञ, तप और दान भी गुणों के अनुसार "ॐ तत् सत्" का …

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