श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 18
श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 18: अम्मा जी श्रीमती पद्मा शुक्ला का पुनर्विलोकन
"मोक्ष संन्यास योग" श्रीमद्भगवद्गीता का अंतिम और सबसे व्यापक अध्याय कर्म करो, पर फल की आसक्ति छोड़ दो। स्वधर्म पालन ही श्रेष्ठ है। भक्ति ही मोक्ष का अंतिम मार्ग है। भगवान की शरण म…