श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 15

श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 15: अम्मा जी श्रीमती पद्मा शुक्ला का पुनर्विलोकन

संसार के वृक्ष रूपी स्वरूप और पुरुषोत्तम की महिमा का वर्णन संसार को उल्टे अश्वत्थ वृक्ष के रूप में —जिसकी जड़ें ऊपर (परमात्मा में) हैं इसके पत्ते वेद हैं और कर्म इसका विस्तार वृक्ष को वैर…

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